दांत पीसना (ब्रुक्सिज्म): कारण, लक्षण और दंत चिकित्सक द्वारा सुझाए गए उपचार
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दांत पीसना (ब्रुक्सिज्म): कारण, लक्षण और दंत चिकित्सक द्वारा सुझाए गए उपचार

Summary

  • दांत पीसना एक गंभीर स्थिति है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
  • 70% मामलों में तनाव ही इसका प्राथमिक कारण है।
  • सिरदर्द और जबड़ों में दर्द को कभी भी सामान्य न समझें।
  • इलाज न होने पर दांत पूरी तरह नष्ट हो सकते हैं।
  • बच्चों में यह आदत विकास के चरणों से जुड़ी हो सकती है।
  • नाइट गार्ड और डेंटल बॉन्डिंग सबसे प्रभावी समाधान हैं।
  • सीएमआरआई, कोलकाता में इसके लिए एडवांस डायग्नोस्टिक्स उपलब्ध हैं।
  • सही समय पर हस्तक्षेप आपकी मुस्कान को स्थायी नुकसान से बचा सकता है।

कल्पना कीजिए कि आप सुबह सोकर उठते हैं, लेकिन तरोताजा महसूस करने के बजाय आपके सिर में भारीपन है, जबड़ों में जकड़न है और आपके दांतों में एक अजीब सी संवेदनशीलता महसूस हो रही है। अक्सर हम इन संकेतों को सामान्य थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके शरीर का एक गंभीर संकेत हो सकता है? रात के सन्नाटे में अनजाने में अपने दांतों को एक-दूसरे पर रगड़ना सिर्फ एक बुरी आदत नहीं, बल्कि एक मेडिकल स्थिति है, जिसे ब्रुक्सिज्म कहा जाता है।

अक्सर मरीज हमारे पास तब आते हैं जब उनके दांतों की ऊपरी परत (Enamel) पूरी तरह घिस चुकी होती है या उन्हें खाना चबाने में भी दर्द होने लगता है। यदि आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि ब्रुक्सिज्म क्या है और यह आपकी मुस्कान को कैसे प्रभावित कर सकता है। समय पर सही जानकारी और विशेषज्ञ परामर्श न केवल आपके दांतों को बचा सकता है, बल्कि आपकी नींद की गुणवत्ता में भी सुधार कर सकता है। यदि आप भी सुबह उठकर थकान महसूस करते हैं, तो आपको तुरंत दांत पीसने का इलाज खोजने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में होने वाली जटिलताओं से बचा जा सके।

ब्रुक्सिज्म क्या है? -

ब्रुक्सिज्म को समझना बहुत ज्यादा जरूरी है, क्योंकि यह आपके पूरे जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करने की क्षमता रखता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अनजाने में अपने दांतों को आपस में पीसता है, रगड़ता है या जबड़ों को जोर से भींचता है। यह समस्या दिन में भी हो सकती है, जिसे अवेक ब्रुक्सिज्म (Awake Bruxism) कहा जाता है। रात को सोते समय होने वाली समस्या को स्लीप ब्रुक्सिज्म (Sleep Bruxism) कहा जाता है। डेंटल ब्रुक्सिज्म विशेष रूप से नींद के दौरान अधिक खतरनाक होता है, क्योंकि व्यक्ति को खुद पता ही नहीं चलता कि वह अपने दांतों पर कितना अत्यधिक दबाव डाल रहा है। एक रिसर्च के अनुसार, दुनियाभर में लगभग 8% से 31% वयस्क इस समस्या का सामना करते हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इलाज में देरी हो जाती है। अभी भी कई लोग इस स्थिति को नजरअंदाज ही करते हैं और इलाज नहीं लेते हैं।

ब्रुक्सिज्म के कारण -

दांत पीसने या ब्रुक्सिज्म के पीछे कोई एक निश्चित कारण नहीं होता है, बल्कि यह शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और आनुवांशिक कारकों का मिश्रण हो सकता है।

  • तनाव और चिंता (Stress and Anxiety): आधुनिक जीवनशैली में तनाव इसका सबसे प्रमुख कारण है। जब मस्तिष्क तनाव में होता है, तो वह नींद के दौरान जबड़ों की मांसपेशियों को सक्रिय कर देता है।
  • नींद संबंधी विकार (Sleep Disorders): स्लीप एपनिया (नींद में सांस रुकना) से पीड़ित लोगों में ब्रुक्सिज्म की संभावना बहुत अधिक होती है।
  • दांतों का गलत संरेखण (Misaligned Teeth): जब ऊपर और नीचे के दांत ठीक से नहीं मिलते, तो शरीर अनजाने में उन्हें "सेट" करने की कोशिश में रगड़ने लगता है। ऐसे मामलों में अक्सर टीथ ब्रेसेस की सलाह दी जाती है।
  • जीवनशैली के कारक: अत्यधिक कैफीन (कॉफी, चाय), शराब का सेवन और धूम्रपान इस समस्या को ट्रिगर कर सकते हैं।
  • दवाओं के दुष्प्रभाव: कुछ विशेष प्रकार की मनोवैज्ञानिक दवाएं (जैसे कि SSRIs) भी ब्रुक्सिज्म का कारण बन सकती हैं।

ब्रुक्सिज्म के लक्षण -

ब्रुक्सिज्म लक्षण अक्सर सुबह के समय सबसे स्पष्ट होते हैं। यदि आपको नीचे दिए गए संकेतों में से कुछ भी महसूस हो रहा है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए -

  • दांतों का घिसना: दांतों के किनारे चपटे या कटे-फटे नजर आना।
  • एनेमल का नुकसान: दांतों की बाहरी सफेद परत का घिस जाना, जिससे अंदर की पीली परत दिखने लगे।
  • सेंसिटिविटी: ठंडा या गर्म खाने पर दांतों में झनझनाहट होना।
  • जबड़े में दर्द: टीएमजे (Temporomandibular Joint) में दर्द या जबड़े का लॉक हो जाना।
  • सिरदर्द और कान का दर्द: सुबह उठते ही कनपटी पर भारीपन या कान के अंदरूनी भाग में बिना किसी इंफेक्शन के दर्द महसूस होना।
  • नींद में आवाज आना: आपके पार्टनर को आपके दांत पीसने की आवाज सुनाई देना। यह एक ऐसा लक्षण है, जो सबसे स्पष्ट रूप से आपको इस समस्या के बारे में बता सकते हैं। 

ब्रुक्सिज्म के प्रकार -

ब्रुक्सिज्म को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है - 

  • अवेक ब्रुक्सिज्म (Awake Bruxism): इसमें व्यक्ति जागते समय तनाव या एकाग्रता के दौरान अनजाने में जबड़े भींचता है। इसे अक्सर व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। कई लोग अत्यंत गुस्सा आने की स्थिति में भी अपने दांतों को पीसते हैं।
  • स्लीप ब्रुक्सिज्म (Sleep Bruxism): यह नींद के दौरान होता है और इसे "स्लीप-रिलेटेड मूवमेंट डिसऑर्डर" माना जाता है। इसमें दांतों पर दबाव बहुत अधिक होता है, जिससे मसूड़ों और हड्डियों को नुकसान पहुँच सकता है।

बच्चों में ब्रुक्सिज्म -

माता-पिता या गार्जियन के लिए यह जानना जरूरी है कि बच्चों में ब्रुक्सिज्म काफी आम समस्या है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 15% से 33% बच्चे दांत पीसने की समस्या से परेशान है। इसके मुख्य कारण दूध के दांतों का गिरना और स्थायी दांतों का आना, कान में दर्द या स्कूल का तनाव हो सकते हैं। 

अच्छी खबर यह है कि अधिकांश बच्चे किशोरावस्था तक पहुँचते-पहुँचते इस आदत को खुद ही छोड़ देते हैं, लेकिन यदि इससे दांतों को नुकसान पहुँच रहा हो, तो बाल दंत चिकित्सक (Child orthodontist) से परामर्श लेना अनिवार्य है। वह दांतों के सामान्य आकार को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। 

दांत पीसने के गंभीर खतरे

यदि आप ब्रुक्सिज्म उपचार को नजरअंदाज करते हैं, तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। चलिए इसके कुछ संभावित गंभीर परिणामों को जानते हैं - 

  • दांतों का टूटना या ढीला होना।
  • चेहरे की मांसपेशियों में खिंचाव और चेहरे की बनावट में बदलाव।
  • क्रोनिक माइग्रेन
  • भोजन चबाने की क्षमता में कमी।

उपचार और प्रबंधन -

ब्रुक्सिज्म ट्रीटमेंट का मुख्य उद्देश्य दांतों को नुकसान से बचाना और दर्द को कम करना है। समय पर ब्रुक्सिज्म उपचार लेने से दांतों के इम्प्लांट के खर्च को 90% तक कम किया जा सकता है। कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMRI), कोलकाता में हम आधुनिक तकनीकों के माध्यम से इसका स्थाई समाधान प्रदान करते हैं। हम इलाज के लिए निम्न विकल्पों का सुझाव देते हैं -

  • नाइट गार्ड और स्प्लिंट्स (Night Guards): यह सबसे आम इलाज है। एक कस्टमाइज्ड माउथ गार्ड आपके दांतों के बीच एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे दांत आपस में नहीं रगड़ते।
  • डेंटल बॉन्डिंग (Dental Bonding): यदि दांत घिस चुके हैं, तो डेंटल बॉन्डिंग के जरिए उसकी आकृति और मजबूती को वापस लाया जाता है। यह दांतों की संवेदनशीलता को भी कम करता है।
  • टीथ ब्रेसेस (Teeth Braces): अगर दांतों के गलत संरेखण (Malocclusion) के कारण समस्या है, तो टीथ ब्रेसेस या अलाइनर्स का उपयोग करके दांतों को सही स्थिति में लाया जाता है, जिससे ब्रुक्सिज्म की संभावना कम हो जाती है।
  • तनाव प्रबंधन (Stress Management): लगभग 70% ब्रुक्सिज्म के मामले तनाव और चिंता से जुड़े होते हैं। इसलिए हम कह सकते हैं कि तनाव एक बड़ा कारक है, इसलिए योग, ध्यान (Meditation) और काउंसलिंग की सलाह दी जाती है।
  • जीवनशैली में बदलाव: स्लीप एप्निया से पीड़ित 4 में से 1 व्यक्ति को ब्रुक्सिज्म की समस्या होती है। इसलिए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव करने की आवश्यकता होती है। कैफीन कम करना, सोने से पहले गर्म पानी से स्नान और जबड़े की मांसपेशियों की मालिश करना काफी सहायक सिद्ध होता है।

निष्कर्ष

दांतों की सेहत का सीधा संबंध हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य से है। दांत पीसना केवल एक रात की आवाज नहीं है, बल्कि यह आपके मौखिक स्वास्थ्य के लिए एक चेतावनी है। सही समय पर ब्रुक्सिज्म लक्षण को पहचानना और विशेषज्ञ दंत चिकित्सक से सलाह लेना आपको भविष्य की बड़ी सर्जरी और दर्द से बचा सकता है।

यदि आप या आपका कोई प्रियजन इस समस्या से पीड़ित है, तो आज ही उचित ब्रुक्सिज्म उपचार की दिशा में कदम बढ़ाएं। आपकी एक स्वस्थ मुस्कान ही आपके आत्मविश्वास की कुंजी है। कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMRI), कोलकाता में हमारी टीम आपकी मुस्कान और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है।

पूछे जाने वाले प्रश्न

नींद में दांत पीसने का क्या कारण है?

मुख्य कारणों में अत्यधिक मानसिक तनाव, चिंता, नींद से संबंधित विकार (जैसे स्लीप एप्निया) और दांतों का आपस में सही तरीके से न मिलना शामिल हैं।

ब्रुक्सिज्म के लक्षण क्या हैं?

दांतों का घिसना, सुबह के समय जबड़ों में दर्द, सिरदर्द, दांतों में झनझनाहट और नींद के दौरान दांत रगड़ने की आवाज इसके प्रमुख लक्षण हैं।

ब्रुक्सिज्म से कैसे बचाव करें?

तनाव कम करें, कैफीन और शराब का सेवन सीमित करें, और दांतों की सुरक्षा के लिए डेंटिस्ट द्वारा सुझाए गए नाइट गार्ड का नियमित उपयोग करें।

दांत पीसने से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

इससे दांतों का इनेमल घिस सकता है, दांत टूट सकते हैं, मसूड़ों में समस्या हो सकती है और टीएमजे (TMJ) विकार के कारण जबड़ा जाम हो सकता है।

दांत पीसने के मुख्य कारण क्या है?

इसके पीछे मनोवैज्ञानिक तनाव, गलत डेंटल अलाइनमेंट, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स और धूम्रपान या शराब जैसी जीवनशैली की आदतें मुख्य रूप से जिम्मेदार होती हैं।

Written and Verified by:

Dr. Samit Sikdar

Dr. Samit Sikdar

Consultant Exp: 26 Yr

Dental Surgeon

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Dr. Samit Sikdar is a Consultant Dental Surgeon in Dental Science Dept. at CMRI, Kolkata, with over 19 years of experience. He specializes in cosmetic dentistry, including smile design, teeth reshaping, crowns and bridges, and oral surgery procedures.

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