पटाखों से सुरक्षा: बच्चों की आंख, हाथ और त्वचा की सुरक्षा के उपाय और इमरजेंसी टिप्स
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पटाखों से सुरक्षा: बच्चों की आंख, हाथ और त्वचा की सुरक्षा के उपाय और इमरजेंसी टिप्स

Internal Medicine | by Dr. Niranjan Singh on 13/10/2025 | Last Updated : 29/10/2025

Summary

दिवाली पर बच्चों की आंखों, हाथों और त्वचा की सुरक्षा बेहद जरूरी है। पटाखों से सुरक्षा के लिए उन्हें हमेशा बड़ों की निगरानी में रखें, सेफ्टि गॉगल्स और सूती कपड़े पहनाएं। चोट लगने पर तुरंत कुछ उपायों से आप आसानी से अपने बच्चों को पटाखों से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं और त्योहार खुशहाली से मना सकते हैं। यदि अधिक समस्या दिखे तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

त्योहारों का समय आ चुका है। इस दौरान घर में बहुत सारी खुशियां, मिठाई और पटाखे आते हैं। इस त्योहार के मौसम में बच्चों की मुस्कान सुरक्षित बनाना बेहद ज़रूरी है, जिसके लिए आपको कुछ उपायों को करना चाहिए। हम एसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि दिवाली पर सबसे ज्यादा मामले बच्चों में पटाखों से होने वाले नुकसान के आते हैं।

हर दिवाली जब आसमान रंग-बिरंगे पटाखों से जगमगा उठता है, बच्चों के चेहरे पर भी उसी रंग की चमक आ जाती है। लेकिन क्या केवल खुशियां ही आती है? हर साल हजारों बच्चे पटाखों के कारण आंख, हाथ और त्वचा की चोटों का शिकार हो जाते हैं, जिनमें कई बार आगे चलकर गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। सिर्फ एक लापरवाही, हमेशा के लिए उनकी रोशनी या मुस्कान गायब कर सकता है। आइए जानें, पटाखों से सुरक्षा के स्मार्ट और असरदार तरीके, ताकि इस दिवाली आपकी खुशियां भी रहें सुरक्षित और बच्चों की ‘आंखों की सुरक्षा’ रहे सर्वोपरि।

हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिवर्ष दिवाली के समय 40% से अधिक पटाखों से संबंधित चोटें बच्चों की आंखों को प्रभावित करती हैं। अस्पतालों में इमरजेंसी विजिट्स में अधिकतर केस हाथ व आंखों के चोट के होते हैं। यदि कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो, तो तुरंत अस्पताल जाएं और इलाज लें।

बच्चों की आंखों को पटाखों की चोट से कैसे बचाएं?

बच्चों की आंखों को पटाखों की चोट से बचाने के लिए आप निम्न उपायों का पालन कर सकते हैं - 

  • सुरक्षात्मक चश्मा पहनाएं: बच्चों को पटाखे जलाने या देखने के दौरान सेफ्टी गॉगल्स पहनाएं, जिससे आंखों को उड़ते हुए कण, धुआं या रसायनों से बचाया जा सके।
  • दूरी बनाए रखें: पटाखा जलाते समय कम-से-कम 5-6 फीट की दूरी जरूर बनाएं। जलाने के बाद तुरंत बच्चों को हटा दें, इससे बच्चों तक कोई चिंगारी नहीं आएगी।
  • आंखों में जलन या कण जाने पर क्या करें: आंखों को रगड़ें नहीं, तुरंत साफ पानी से आंख धोएं और यदि जलन बनी रहे, तो जल्द से जल्द नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। वह आपको बेहतर सहायता प्रदान कर सकते हैं।
  • सिर्फ बड़े की देखरेख में पटाखे फोड़े: बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे ना जलाने दें, क्योंकि वह अक्सर लापरवाही कर देते हैं।
  • पटाखों के आर्थिक नुकसान से बचें: सिर्फ प्रमाणित ब्रांड के पटाखे ही खरीदें, लोकल या सस्ते पटाखों से दूर रहें।

सामान्य तौर पर पटाखों से प्रदूषण भी होता है, जो फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचाता है, इसलिए हमेशा प्रयास करना चाहिए कि पटाखों से दूरी बनाएं, लेकिन त्यौहार में ऐसा करना थोड़ा मुश्किल ही होता है, इसलिए थोड़ा संभल कर ही पटाखे जलाएं।

दिवाली के लिए सेफ्टी टिप्स - Diwali Safety Tips

दिवाली के दौरान कुछ सेफ्टी टिप्स का पालन अवश्य करना चाहिए जैसे कि - 

  • ‘पटाखों से सुरक्षा’ के लिए बच्चों को कभी भी अकेला न छोड़ें।
  • सिर्फ लाइसेंसी ब्रांड के सेफ्टी स्टैंडर्ड वाले पटाखें खरीदें।
  • जलते पटाखों से डरे नहीं, लेकिन उससे दूरी अवश्य बनाएं।
  • पटाखे हाथ में पकड़ने की गलती बिल्कुल न करें। ऐसा करने से आपको आंख के साथ-साथ शरीर के अन्य भाग पर भी चिंगारी फैल सकती है।
  • पानी की बाल्टी, साफ कपड़े, और एंटीसेप्टिक लोशन साथ में रखें और इमरजेंसी नंबर याद रखें।
  • दिवाली सेफ्टी टिप्स (Diwali safety tips) फॉलो करके परिवार, खासकर बच्चों के लिए त्योहार को आनंदमय बनाएं।

हाथ, उंगलियों और त्वचा की सुरक्षा के आसान तरीके

हाथ , उंगलियों और त्वचा की सुरक्षा के आसान तरीके इस प्रकार हैं - 

  • सिंथेटिक कपड़े ना पहनाएं: बच्चों को कॉटन या फुल स्लीव्स के कपड़े पहनाएं, जिससे त्वचा को अतिरिक्त सुरक्षा मिले।
  • पटाखा हाथ में लेकर न जलाएं: पटाखे हमेशा फर्श पर रखकर जलाएं और कभी भी बच्चे को हाथ या उंगलियों में पटाखा रखने न दें।
  • दस्ताने व जूते पहनाएं: खासतौर पर छोटे बच्चों को ‘फुलझड़ी’ जैसे पटाखे जलाने दें, और पटाखों को जलाने के दौरान उनके हाथों में लेदर के दस्ताने ज़रूर पहनाएं। नंगे पांव न रखें और चप्पल की बजाय जूते पहनाएं।
  • पानी की बाल्टी पास रखें: कोई जलता हुआ पटाखा आपके ऊपर आए या चिंगारी त्वचा पर गिरे, तो तुरंत उस हिस्से को पानी से धोएं।

इमरजेंसी टिप्स: आंख की चोट में क्या करें?

क्या करें यदि आंख में चोट लग जाए तो - 

  • आंखों को न रगड़ें।
  • तुरंत 10-15 मिनट तक साफ, ठंडे पानी से आंख को अच्छे से धोएं।
  • अपनी तरफ से कोई दवा या घरेलू उपचार न करें।
  • तेज दर्द, नजर में धुंधलापन या खून आ रहा हो, तो बिना देरी इलाज कराएं।

इमरजेंसी टिप्स: हाथ या उंगली की चोट में क्या करें?

यदि हाथ या उंगली की चोट हो, तो पहली पंक्ति में निम्न उपायों का पालन करें - 

मामूली झुलसन/फिजिकल चोट पर:

  • जली हुई जगह को तुरंत पानी में रखें और ठंडा करें।
  • यदि छाले या जलन हो, तो उस भाग को किसी चीज से न ढकें।
  • टाइट पट्टियां या मलहम तुरंत न लगाएं।

खून बहना या गंभीर चोट:

  • साफ कपड़ा रखें और हल्का दबाव डालें।
  • ज्यादा खून बहने, गहरा कट या उंगली चोटिल हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

इमरजेंसी टिप्स: त्वचा जलने या फोड़े होने पर क्या करें?

त्वचा जलने या फोड़े होने पर कुछ दूसरे लेकिन प्रभावी उपायों का आपको पालन करना चाहिए जैसे कि - 

स्किन बर्न/फोड़ा होने पर -

  • ठंडे पानी से तुरंत धोएं, और साफ, गीले कपड़े से कवर करें।
  • जलन कम होने तक उस जगह पर कुछ भी न लगाएं (ना देसी इलाज, ना टूथपेस्ट)।
  • हल्की जलन पर घर पर सही देखभाल से आराम मिल सकता है, लेकिन अगर फोड़ा बड़ा, जलन ज्यादा या दर्द कंट्रोल में न आए तो मेडिकली मदद लें।

कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

निम्न स्थितियों में डॉक्टर के पास जाने की सलाह हम आपको देंगे - 

  • आंखों में गंभीर जलन, चुभन, खून या देखने में अचानक परेशानी हो, तो तुरंत अस्पताल की इमरजेंसी में जाएं।
  • हाथ या उंगलियों में गहरा कट, लगातार खून बहना या जलने/फूले हुए भाग में दर्द न रुके, तो तुरन्त विशेषज्ञ से मिलें।
  • यदि त्वचा का बड़ा हिस्सा जल जाए, या ज्यादा छाले/फोड़े बनें तो घर पर इलाज न कराएं, डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

निष्कर्ष

पटाखों के नुकसान को हल्के में लेना बड़ी भूल है। आंखों की सुरक्षा और बच्चों की सम्पूर्ण सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। अगर आप बच्चों को सुरक्षा, सावधानी और सही दिवाली सेफ्टी टिप्स सिखाते हैं, तो इस दीवाली उनकी आंखें, हाथ और मुस्कान हमेशा सुरक्षित रहेंगी।

अगर कोई भी संदेह या चोट गंभीर लगे, तुरंत हमारे अनुभवी डॉक्टरों से संपर्क करें, क्योंकि सफाई और सजगता ही इस त्योहार की असली रौशनी है!

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या घर पर हल्की जलन या फोड़ा ठीक किया जा सकता है?

जी हां, छोटी बर्न या हल्के फोड़े को ठंडे पानी, एंटीसेप्टिक लोशन व साफ कपड़े से ढक कर कुछ घंटों में राहत मिल सकती है। लेकिन, अगर हालत बिगड़े या बच्चा असहज महसूस करे तो डॉक्टर दिखाएं।

पटाखों से चोट से बचाने के लिए बच्चे को क्या पहनाना चाहिए?

बच्चों को फुल स्लीव कॉटन कपड़े पहनाना, जूते और आंखों की सुरक्षा के लिए गॉगल्स लगवाना चाहिए। यह आंखों की सुरक्षा और त्वचा दोनों के लिए जरूरी है, जिससे पटाखों के नुकसान से बचाव हो सके।

बच्चों की सुरक्षा के लिए पटाखों का उपयोग कैसे सीमित करें?

समय और एक्टिविटी की सीमा तय करें। बच्चों को सिर्फ शीतल पटाखे जैसे अनार, फुलझड़ी ही जलाने दें। बड़े पटाखे या बम से दूर रखें व सभी ‘diwali safety tips’ का पालन कराएं।

पटाखों से होने वाली चोटों में सबसे ज्यादा जोखिम किन अंगों को होता है?

आंखों, हाथों/उंगलियों और चेहरे पर सबसे ज्यादा चोटें आती हैं। इसमें आंखों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि ये चोटें स्थायी नुकसान भी कर सकती हैं।

Written and Verified by:

Dr. Niranjan Singh

Dr. Niranjan Singh

Senior Consultant Exp: 11 Yr

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Dr. Niranjan Singh is a Senior Consultant Physician & Diabetologist at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 14 years of experience. He specializes in managing diabetes, hypertension, thyroid disorders, and acute illnesses like infections and sepsis.

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