
दिवाली पर बच्चों की आंखों, हाथों और त्वचा की सुरक्षा बेहद जरूरी है। पटाखों से सुरक्षा के लिए उन्हें हमेशा बड़ों की निगरानी में रखें, सेफ्टि गॉगल्स और सूती कपड़े पहनाएं। चोट लगने पर तुरंत कुछ उपायों से आप आसानी से अपने बच्चों को पटाखों से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं और त्योहार खुशहाली से मना सकते हैं। यदि अधिक समस्या दिखे तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
त्योहारों का समय आ चुका है। इस दौरान घर में बहुत सारी खुशियां, मिठाई और पटाखे आते हैं। इस त्योहार के मौसम में बच्चों की मुस्कान सुरक्षित बनाना बेहद ज़रूरी है, जिसके लिए आपको कुछ उपायों को करना चाहिए। हम एसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि दिवाली पर सबसे ज्यादा मामले बच्चों में पटाखों से होने वाले नुकसान के आते हैं।
हर दिवाली जब आसमान रंग-बिरंगे पटाखों से जगमगा उठता है, बच्चों के चेहरे पर भी उसी रंग की चमक आ जाती है। लेकिन क्या केवल खुशियां ही आती है? हर साल हजारों बच्चे पटाखों के कारण आंख, हाथ और त्वचा की चोटों का शिकार हो जाते हैं, जिनमें कई बार आगे चलकर गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। सिर्फ एक लापरवाही, हमेशा के लिए उनकी रोशनी या मुस्कान गायब कर सकता है। आइए जानें, पटाखों से सुरक्षा के स्मार्ट और असरदार तरीके, ताकि इस दिवाली आपकी खुशियां भी रहें सुरक्षित और बच्चों की ‘आंखों की सुरक्षा’ रहे सर्वोपरि।
हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिवर्ष दिवाली के समय 40% से अधिक पटाखों से संबंधित चोटें बच्चों की आंखों को प्रभावित करती हैं। अस्पतालों में इमरजेंसी विजिट्स में अधिकतर केस हाथ व आंखों के चोट के होते हैं। यदि कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो, तो तुरंत अस्पताल जाएं और इलाज लें।
बच्चों की आंखों को पटाखों की चोट से बचाने के लिए आप निम्न उपायों का पालन कर सकते हैं -
सामान्य तौर पर पटाखों से प्रदूषण भी होता है, जो फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचाता है, इसलिए हमेशा प्रयास करना चाहिए कि पटाखों से दूरी बनाएं, लेकिन त्यौहार में ऐसा करना थोड़ा मुश्किल ही होता है, इसलिए थोड़ा संभल कर ही पटाखे जलाएं।
दिवाली के दौरान कुछ सेफ्टी टिप्स का पालन अवश्य करना चाहिए जैसे कि -
हाथ , उंगलियों और त्वचा की सुरक्षा के आसान तरीके इस प्रकार हैं -
क्या करें यदि आंख में चोट लग जाए तो -
यदि हाथ या उंगली की चोट हो, तो पहली पंक्ति में निम्न उपायों का पालन करें -
मामूली झुलसन/फिजिकल चोट पर:
खून बहना या गंभीर चोट:
त्वचा जलने या फोड़े होने पर कुछ दूसरे लेकिन प्रभावी उपायों का आपको पालन करना चाहिए जैसे कि -
स्किन बर्न/फोड़ा होने पर -
निम्न स्थितियों में डॉक्टर के पास जाने की सलाह हम आपको देंगे -
पटाखों के नुकसान को हल्के में लेना बड़ी भूल है। आंखों की सुरक्षा और बच्चों की सम्पूर्ण सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। अगर आप बच्चों को सुरक्षा, सावधानी और सही दिवाली सेफ्टी टिप्स सिखाते हैं, तो इस दीवाली उनकी आंखें, हाथ और मुस्कान हमेशा सुरक्षित रहेंगी।
अगर कोई भी संदेह या चोट गंभीर लगे, तुरंत हमारे अनुभवी डॉक्टरों से संपर्क करें, क्योंकि सफाई और सजगता ही इस त्योहार की असली रौशनी है!
जी हां, छोटी बर्न या हल्के फोड़े को ठंडे पानी, एंटीसेप्टिक लोशन व साफ कपड़े से ढक कर कुछ घंटों में राहत मिल सकती है। लेकिन, अगर हालत बिगड़े या बच्चा असहज महसूस करे तो डॉक्टर दिखाएं।
बच्चों को फुल स्लीव कॉटन कपड़े पहनाना, जूते और आंखों की सुरक्षा के लिए गॉगल्स लगवाना चाहिए। यह आंखों की सुरक्षा और त्वचा दोनों के लिए जरूरी है, जिससे पटाखों के नुकसान से बचाव हो सके।
समय और एक्टिविटी की सीमा तय करें। बच्चों को सिर्फ शीतल पटाखे जैसे अनार, फुलझड़ी ही जलाने दें। बड़े पटाखे या बम से दूर रखें व सभी ‘diwali safety tips’ का पालन कराएं।
आंखों, हाथों/उंगलियों और चेहरे पर सबसे ज्यादा चोटें आती हैं। इसमें आंखों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि ये चोटें स्थायी नुकसान भी कर सकती हैं।
Written and Verified by:

Dr. Niranjan Singh is a Senior Consultant Physician & Diabetologist at CK Birla Hospital, Jaipur, with over 14 years of experience. He specializes in managing diabetes, hypertension, thyroid disorders, and acute illnesses like infections and sepsis.
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